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कांगड़ा | दुबई में एयर शो के दौरान भारतीय फाइटर जेट तेजस मार्क-1 की दुर्घटना में भारत ने नमांश स्याल के रूप में एक होनहार पायलट खो दिया। बलिदानी नमांश को देश प्रेम का जज्बा घर से ही मिला, क्योंकि उनके पिता जगन्नाथ स्याल भी भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। जवान के निधन ने पूरे देश में शोक की लहर है। कांगड़ा जिला के गांव पटियालकड़ में पार्थिव देह पहुंचने ही हर आंख नम हो गई। पैतृक गांव में विंग कमांडर का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान से किया गया। इस मौके पर सैकड़ों लागों की भीड़ उमड़ी। गणमान्य लोगों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस व सेना के अधिकारियों का भारी जमावड़ा जाबांज सपूत को विदाई देने के लिए आतुर था। हर कोई शौर्य, पराक्रम और बलिदान के प्रयाय बने नामांश की अमरता पर गौरवान्वित था । जिस आंगन में कभी नमांश का बचपन अठखेलियां करते गुजरा था उसी आंगन में तिरंगे से सजा ताबूत मानो उसके अमर होने की कहानी बयां कर रहा हो ।

ऐसा बेटा, जिसने कभी पिता से थप्पड़ नहीं खाया

यह एक ऐसा बेटा था जिसने मेरे से कभी थप्पड़ नहीं खाया, पर ऐसा भी नहीं कि कभी उसके व्यवहार या कृतित्व ने मुझे निराश किया हो । यह कहना था उस पिता का जिसने आज मातृभूमि की सेवा में समर्पित भाव से अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देने वाले बेटे को अंतिम विदाई देते हुए अपने भाव लोगों से सांझा किए । उधर, नमांश की बहन प्रिया का भी यही मानना था कि उसका भाई रिजर्व नेचर का व्यक्ति था जो हर किसी की सहायता के लिए तत्पर और कत्र्तव्यनिष्ठ था । वे उसे प्यार से नमो ही बुलाते थे ।

सैनिक स्कूल सुजानपुर से पढ़ाई

नमांश की प्राथमिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल डलहौजी में हुई। छठी, आठवीं और नवमी उन्होंने आर्मी स्कूल योल से की। जमा दो तक सैनिक स्कूल सुजानपुर में पढ़े और यहीं से उन्होंने एनडीए के लिए क्वालिफाई करके वर्ष 2009 भारतीय वायु सेना में प्रवेश किया। भारतीय वायु सेना में बतौर विंग कमांडर सेवारत नमांश की पत्नी और वह कोयंबटूर के साथ एयरफोर्स के सालूर एयरबेस में कार्यरत थे।

एयरफोर्स के स्पेशल प्लेन से गगल पहुंचा विंग कमांडर का पार्थिव शरीर

गगल। नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के गांव पटियालकड़ के शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर को कोयंबटूर के सुलूर एयरबेस से रविवार दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से गगल हवाई अड्डे पर लाया गया। शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल की धर्मपत्नी उनकी बेटी और उनके माता-पिता भी इसी विमान से शहीद की देह के साथ गगल हवाई अड्डे पर पहुंचे। गगल हवाई अड्डे पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष केबिनेट रैंंक रघुवीर बाली, विधायक, जिला प्रशासन से उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसडीएम करतार चंद, देहरा जिला पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी व डीएसपी कांगडा अंकित शर्मा ने श्रद्धांजलि दी


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