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शिमला | राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव सामग्री और बैलेट पेपरों के वितरण की तिथियां तय कर दी हैं। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समय पर चुनाव सामग्री प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि 24 नवंबर से चुनाव सामग्री वितरण शुरू होगा।

पहले दिन किन्नौर, लाहौल-स्पीति, केलांग व कुल्लू के अधिकारियों को चुनाव सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। 25 नवंबर को सिरमौर व ऊना, 26 नवंबर को शिमला, 27 नवंबर को कांगड़ा, 28 नवंबर को मंडी, 29 नवंबर को सोलन व चंबा और 1 दिसंबर को बिलासपुर व हमीरपुर को चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। सामग्री प्राप्त करने वाले अधिकारी सुबह 10 बजे मुद्रण एवं लेखन विभाग कार्यालय कच्चीघाटी में उपस्थित रहें।

अनिवार्य किया गया है कि चुनाव सामग्री विशेषकर बैलेट पेपर सुरक्षित सरकारी वाहनों में उचित पुलिस सुरक्षा के साथ ले जाने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव सामग्री को पूर्ण सुरक्षा के साथ तब तक सुरक्षित रखा जाए जब तक उसे चुनाव प्रक्रिया में प्रयोग के लिए जारी नहीं किया जाता।
आयोग को बता दिया है, डिजास्टर एक्ट लगा है, उसके बाद होंगे चुनाव : सुक्खू
ऊना। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने ऊना पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पंचायत चुनावों से जुड़े सवाल पर कहा कि प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लागू है और आपदा राहत कार्य चले हुए हैं। पहले आपदा का काम पूरा होगा, उसके बाद ही चुनाव होंगे। मुख्य सचिव और पंचायती राज के a ने राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी दे दी। उन्होंने कहा कि जो भी होगा, कानून के दायरे में रहकर होगा। राज्य निर्वाचन आयोग का अपना दायित्व और प्रदेश सरकार अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। ऊना में बीते दिनों में जो भी घटनाएं हुई हैं, इसका सख्त संज्ञान लिया जाएगा। कहा कि आने वाले दिनों में ऊना जिले में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर रोक के खिलाफ कोर्ट जाएगी सरकार
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर रोक लगाए जाने के खिलाफ प्रदेश सरकार हाईकोर्ट जाएगी। प्रदेश सरकार हाईकोर्ट से पंचायतों के पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगेगी। पंचायती राज सचिव सी पालरासु ने बताया कि करीब 30 पंचायतों के पुनर्गठन के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। आबादी और प्रशासनिक संरचना के अनुसार संशोधन जरूरी है। अगर निर्वाचन आयोग से अनुमति नहीं मिलती है तो सरकार इसके लिए कोर्ट जाएगी। सरकार का तर्क है कि वर्तमान में सीमांकन अधूरा है और कई पंचायतों में आबादी, भूगोल और प्रशासनिक संरचना के अनुसार संशोधन आवश्यक हैं।
बैलेट पेपर, रसीद बुक, सिंबल पोस्टर और पेपर सील होंगे जारी
पंचायत चुनावों में करीब 55 लाख 20 हजार वोटर मतदान करेंगे। इसके लिए निर्वाचन आयोग जिलों को पांच पदों के लिए बैलेट पेपर, रसीद बुक, सिंबल पोस्टर और पेपर सील उपलब्ध करवाएगा। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) विकास खंडों को चुनाव सामग्री का वितरण करेंगे।

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