Spread the love

धर्मशाला | मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नियम और कानून के तहत ही पंचायत चुनाव होंगे। भाजपा खुले मन से तैयारियां शुरू करे। बुधवार को विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन विपक्ष की ओर से लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ही संविधान की रक्षक है। महिलाओं के लिए पंचायतीराज संस्थानों में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया। कानून की परिधि में रहकर ही हिमाचल में चुनाव करवाएं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए सरकार ने विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूर नहीं किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में शिमला नगर निगम के चुनाव नौ माह की देरी से करवाए। जून 2022 में चुनाव प्रस्तावित था। तत्कालीन जयराम सरकार ने हार के डर से चुनाव नहीं करवाए। कांग्रेस सरकार बनने के बाद हमने मई 2023 में चुनाव करवाए। यह चुनाव भी छह माह के भीतर करवाना आवश्यक थे। सीएम ने कहा कि हिमाचल भाजपा पांच गुटों में बंटी है। इसी कारण नेता विपक्ष जयराम ठाकुर तनाव में रहते हैं। हम मंत्रियों की सलाह से ही कैबिनेट में फैसले लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2024 बजट सत्र के दौरान भाजपा ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं। सरकार गिराने का प्रयास किया। इसके बावजूद कांग्रेस के विधायकों की संख्या दोबारा 40 हो गई।

सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर को प्रदेश सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरे होने पर कोई जश्न नहीं मनाया जा रहा है। हम नैतिकता और ईमानदारी में विश्वास रखते हैं। तीन साल पूरे होने पर सरकार के विजन से अवगत कराया जाएगा। भाजपा के सदस्य भी इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित हैैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हर बार विधानसभा सदन में नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लेकर आती है। आपात स्थिति में ही ऐसे प्रस्ताव लाए जाते हैं। हम फिर भी विपक्ष की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यों पर आधारित बात ही भाजपा सदस्यों को करनी चाहिए।
आठ विधेयक सदन के पटल पर रखे
राष्ट्रपति और राज्यपाल से मंजूर आठ विधेयक बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पटल पर रखे गए। ये हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर द्वितीय संशोधन विधेयक 2025, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक 2025, मंत्रियों के वेतन और भत्ता हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2025, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वेतन संशोधन विधेयक 2025, हिमाचल प्रदेश सड़क द्वारा कतिपय माल के वहन पर कराधान संशोधन विधेयक 2025 शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2025, हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान निरसन विधेयक 2023 और हिमाचल प्रदेश नगरपालिका संशोधन विधेयक 2025 है। इन विधेयकों ने अब कानून का रूप ले लिया है। इन विधेयकों को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अनुमति के बाद विधानसभा सचिव ने सदन के पटल पर रखा।

Discover more from The Insight Mirror

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from The Insight Mirror

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading