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धर्मशाला | पंचायत चुनाव पर चर्चा और प्रश्नकाल को लेकर वीरवार को विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर इस मामले पर कई बार आमने-सामने हुए। सरकार ने नियम-67 पर चर्चा जारी रखने की मांग उठाई तो विपक्ष पहले प्रश्नकाल कराने पर अड़ा रहा। दोनों पक्षों में करीब आधा घंटा नोकझोंक चली। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर भी हमलावर रहे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्यवस्था देते हुए कहा कि सभी प्रश्नों को पढ़ा हुआ माना जाए। इसके बाद स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई।

दूसरे दिन की बैठक के शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने कट आउट लेकर विधायक क्षेत्र विकास निधि समेत विकास की अन्य योजनाओंं का बजट रोकने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। परिसर में यह विरोध प्रदर्शन साढ़े दस बजे किया गया तो इसके बाद 11 बजे जैसे ही दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने सदन के भीतर भी सत्ता पक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया। विपक्ष ने वीरवार की कार्य सूची के हिसाब से प्रश्नकाल शुरू करने की मांग की। इसका सत्ता पक्ष ने विरोध करते हुए कहा कि जब पंचायत चुनाव पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण चर्चा मांगी गई है तो इसे ही जारी रखा जाना चाहिए।

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार की सुविधा के अनुसार व्यवस्था दी जा रही है। पहले दिन भी स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा होने के बावजूद कार्य सूची को बीच में सदन के पटल पर रखा गया, जबकि ऐसे में कोई भी काम नहीं हो सकता है। इस स्थिति में प्रश्नकाल करने में भी क्या हर्ज है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले कल इस पर पूरा सदन सहमत था और अब सदन में सत्तापक्ष इससे सहमत नहीं है। पंचायतों के चुनाव स्थगित करने पर विपक्ष ने ही सदन प्रस्ताव लाया है तो विपक्ष को इस पर चर्चा के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए।

नेता विपक्ष ने कहा कि नियम 67 के तहत जब प्रस्ताव मंजूर किया जाता है तो दूसरा बिजनेस भी नहीं होगा। विपक्ष सरकार की सुविधा के हिसाब से नहीं चलेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्ष में इतने नियम 67 के प्रस्ताव आए हैं, जितने 75 साल में नहीं आए। जबसे कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, तबसे नियम 67 के तहत हर बार प्रस्ताव लाए जाते हैं। सीएम ने कहा कि तमाम बिंदुओं पर चर्चा होनी चाहिए। सबसे ज्यादा विपक्ष के विधायक ही बोलने वाले हैं। इस पर भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रश्नकाल से डर रही है। इनके पास कोई जवाब देने को नहीं है। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बीते कल यह मामला बहुत महत्वपूर्ण था पर आज कैसे गैर जरूरी हो गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज जिस तरह से बिजनेस लिस्ट किया है। उसी हिसाब से किया जाए। जिद्द किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती। सुक्खू ने कहा कि जिद्द ये कर रहे हैं।

आगे जब भी स्थगन प्रस्ताव आएगा तो उसी दिन खत्म भी होगा : पठानिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि आगे जब भी स्थगन प्रस्ताव आएगा तो उसे उसी दिन डिस्कस किया जाएगा। आगे के लिए वह ऐसी व्यवस्था देंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रश्नकाल के बाद ही नियम 67 पर चर्चा को मंजूरी दी जाएगी।
मुंगेरी लाल के सपने न देखें नेता विपक्ष : रामकुमार
नियम-67 पर चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि विपक्ष मुद्दा और दिशाविहीन है। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने तो सदन में धमकी ही दे दी है कांग्रेस सरकार के सभी फैसलों पर दोबारा विचार किया जाएगा। रामकुमार ने कहा कि जयराम ठाकुर के इस बयान से लगता है कि जैसे उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को मुंगेरी लाल के सपने देखना बंद करना चाहिए। सुक्खू सरकार पूरे प्रदेश का समान विकास कर रही है। अगले चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। मंडी से अभी 9 सीटें आई हैं। अब तीन सीटें भी नहीं आएंगी।
सीएम ने सदन में मंत्री जगत सिंह की कर्मठता को सराहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की कर्मठता की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सेवा भाव से काम करती है। मंत्री जगत सिंह नेगी चंबा से पैदल चले। वह भरमौर गए। वहां नौ दिन रहे। उन्होंने चंद्रताल में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए बहुत मेहनत की। हेलिकॉप्टर की उड़ान के बाद लैंडिंग न होने का जोखिम था, बावजूद नेगी राहत और पुनर्वास कार्यों में लगे रहे।
इसी सदन में नेता विपक्ष ने कहा था, सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता : सुक्खू
स्थगन प्रस्ताव जवाब के दौरान सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में तीखी नोकझोंक हुई। सीएम सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसी सदन में कहा था कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता है। भगवान की कृपा और लोगों के आशीर्वाद से सब ठीक हो गया। समीक्षा तो तभी होगी, अगर जनता इन्हें सत्ता में लाएगी। आगे-आगे देखें होता है क्या? सुक्खू ने कहा – मैं जीवनकाल में जिस भी पद पर रहा हूं, काफी लंबे वक्त तक रहा हूं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने यह बात बोलते-बोलते लय में कह दिया था। वह विपक्ष के नेता हैं और सरकार के लंबा चलने की दुआ नहीं कर सकते।वीरवार को मुख्यमंत्री सुक्खू स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए बोले कि जयराम ठाकुर विपक्ष के नेता हैं और वह उनका आदर करते हैं। चायल चौक से छतरी तक का रोड सीआरएफ में डाला गया। उन्होंने यह नहीं देखा कि वह विपक्ष के नेता हैं। आपदा में सबसे ज्यादा नुकसान इनके यहां हुआ है। आपदा प्रभावित हर परिवार जिनके घर नष्ट हुए हैं, उन्हें 8 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर बुधवार को बोल रहे थे कि 2027 में उनकी पहली कैबिनेट में वर्तमान सरकार के सारे निर्णयों की समीक्षा होगी। इस पर जयराम ने कहा कि उन्होंने संस्थान बंद करने के मामले को रिव्यू करने की बात की। एक कर्मचारी कह रहा है कि उन्होंने ओपीएस की बात की। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राजस्थान में ओपीएस को भाजपा सरकार बंद करने जा रही है।

जून में होने थे निगम चुनाव, पर कांग्रेस पार्षद कोर्ट गईं : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शिमला निगम का चुनाव जून में होना था। कांग्रेस की ही एक पार्षद हाईकोर्ट चली गईं। उन्होंने तो व्यक्तिगत रूप से उन्हें समझाने को भी लोग भेजे थे कि समय पर चुनाव होने चाहिए। विधानसभा चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता लग गई तो यह उस समय निगम चुनाव नहीं हो सकता थे।

भू-अधिग्रहण को 200 करोड़ की मुआवजा राशि हुई जारी
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार में भानुपल्ली- बिलासपुर- बैरी रेलवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि वितरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक बिलासपुर में 30 दिसंबर, 2022 को सौ करोड़ रुपये, अप्रैल,2023 को सौ करोड़ भू-अर्जन अधिकारी (रेलवे) बिलासपुर को प्राप्त हुए हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी विधायक त्रिलोक ठाकुर की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।एनएचएम के तहत जिलों के उपलब्ध कराए गए 26 रोगी वाहन
तपोवन (धर्मशाला)। बीते दो वर्षों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 26 रोगी वाहन जिलों में दिए गए हैं। लाहौल-स्पीति में 108 एंबुलेंस के बेड़े के तहत पहले से ही दो फोर बाई फोर पहले ही चल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक अनुराधा राणा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

ठेकेदार सीधे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा सकते राशि
हिमाचल गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण रोकथाम) को लेकर एम फार्म को डब्ल्य एक्स फार्म के नाम से जाना जाता है। वैध खनिज रियायत धारकों को आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अग्रिम रॉयल्टी राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने के बाद जारी की जाती है। ठेकेदार इसे सीधे सरकारी खजाने में जमा नहीं करा सकते। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

चम्याणा अस्पताल में मरीजों को हर तरह की चिकित्सा सुविधा
चम्याणा सुपर स्पेशलिटी में मरीजों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रोबोटिक सर्जरी, 256 स्लाइस सिटी स्कैन सुविधा, डिजिटल एक्सरे, लैब, माइक्रो बायोलॉजी लैब टेस्ट, पैथोलाजी लैब टेस्ट, हेमेटोलॉजी लैब टेस्ट, अल्ट्रासाउंड सहित रुटीन के टेस्ट किए जा रहे हैं। वर्तमान चम्याणा में मरीजों को एमआरआई टेस्ट की सुविधा आईजीएमसी में प्रदान की जा रही है।


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