शिमला।राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उपस्थित रहे। शिमला शहर, मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों जैसे बीबीएन और जिला मुख्यालयों में भीड़ कम करने तथा विशेष रूप से मंडियों को स्थानांतरित करने के संबंध में यह मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित की गई है।
बैठक में बीबीएन क्षेत्र में एक नई टाउनशिप योजना और चंडीगढ़ शहर की तर्ज पर एक सैटेलाइट टाउन की स्थापना पर विस्तार से चर्चा की गई। सोलन के उपायुक्त और हिमुडा के सीईओ ने अवगत करवाया कि 7042-18 बीघा भूमि को समेकित कर लिया गया है।
बैठक में भूमि पूलिंग नीति को पंजाब जैसे अन्य राज्यों की भूमि पूलिंग नीतियों के अनुरूप तैयार करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त शिमला शहर में भीड़ कम करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने विभिन्न भीड़-भाड़ वाले चिन्हित स्थानों की समीक्षा की। इनमें छोटा शिमला चौक, संजौली चौक, बालूगंज जंक्शन, टूटीकंडी जंक्शन, ढली बाइपास-टनल चौक, कसुम्पटी जंक्शन, ढली बस स्टैंड चौक, आईजीएमसी बाइपास चौक, खलीनी चौक, यूनिवर्सिटी जंक्शन, विक्ट्री टनल चौक, टॉलैंड जंक्शन, लोकल बस स्टैंड और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा अन्य चिन्हित स्थान थे।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, एचपीआरआईडीसी और आरटीडीसी को निर्देश दिए गए कि वे इन जंक्शनों का नियमित निरीक्षण कर प्रस्तावों को पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित करें।
समिति ने शहर के भीतर ट्रैफिक में अवरोध और भीड़ का कारण बनने वाली मंडियों को शिमला के बाहर, नव-निर्मित फोरलेन सड़क मार्ग पर स्थित उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने पर भी चर्चा की।
पुलिस अधीक्षक शिमला को निर्देश दिए गए कि वे शोघी, धामी आदि विभिन्न स्थानों पर सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए कड़े कदम उठाएं। साथ ही सड़कों के दोनों ओर वाहन पार्क न किए जाएं और जहां भी आवश्यकता हो वहां उचित पार्किंग व्यवस्था की पहचान की जाए।
बैठक में विधायक हरीश जनारथा, निदेशक शहरी विकास नीरज कुमार, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, नगर निगम आयुक्त भूपेन्द्र अत्री और टीसीपी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।.0.
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