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शिमला । जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्करों के लिए अलग-अलग स्लैब बनेंगे। तीनों वर्गों को सरकार सम्मानजनक वेतन देगी। महकमे ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। आगामी कैबिनेट बैठक में इसे स्वीकृति के लिए लाया जा रहा है। अभी इन वर्गों के कर्मचारियों को 5,500 व 6,000 के करीब मानदेय मिलता है। सरकार की ओर से इन्हें 10 हजार रुपये तक प्रति माह दिए जा सकते हैं।

हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के चलते इन वर्करों ने दिनरात एक कर लोगों के घरों तक पानी की सप्लाई पहुंचाई है। मंडी, सिरमौर, चंबा, कुल्लू में मल्टीपर्पज वर्करों ने पानी के पाइपों को दुरुस्त कर सप्लाई को सुचारु रखा है। ऐसे में सरकार की ओर से इन्हें राहत दी जा रही है। जल शक्ति विभाग में इन वर्करों की संख्या 10 हजार के आसपास है। महकमे में कर्मचारियों की कमी है। आने वाले समय में सरकार इन वर्करों की और भर्तियां करेगी। जल शक्ति विभाग में 4,019 के करीब मल्टीपर्पज वर्कर, 2307 पंप ऑपरेटर और 1019 पैरा फिटर हैं। अभी तक मल्टीपर्पज वर्करों के भर्ती नियम नहीं बने हैं। ऐसे में सरकार इनके नियम तैयार करेगी। जल शक्ति विभाग का मानना है कि इन वर्करों की तैनाती फील्ड में की गई है। ज्यादातर पेयजल स्रोतों और पानी की सप्लाई का कार्य इन पर ही निर्भर रहता है।
1300 जल रक्षक बने पंप अटेंडेंट
जल शक्ति विभाग में 1300 के करीब जल रक्षकों को पंप अटेंडेंट बनाया गया है। जब तक कार्यालय में चपरासी के पद नहीं भरे जाते हैं, जब तक इनकी सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा शेष बचे जल रक्षकों को भी सरकार पंप अटेंडेंट बनाने जा रही है।

प्रदेश सरकार ने जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्करों के लिए अलग-अलग स्लैब बनाने का फैसला लिया है। सरकार इनका मानदेय बढ़ाने जा रही है। जल शक्ति विभाग को प्रस्वात तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को लाने को कहा गया है – मुकेश अग्निहोत्री, उप मुख्यमंत्री


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