बिलासपुर । खादी केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की आजादी की लड़ाई का एक मजबूत हथियार था। महात्मा गांधी ने खादी के माध्यम से स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया, जिसने देश में क्रांति की लौ जलाई। आजादी के बाद लंबे समय तक खादी की उपेक्षा हुई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी मूवमेंट को फिर से जीवंत किया गया है।तीन दिन के दौरे पर बिलासपुर पहुंचे जगत प्रकाश नड्डा ने वीरवार को बिलासपुर के चेतना चौक स्थित खादी भंडार से खरीदारी की। उन्होंने कटिया मटिया सिल्क, कुर्ता पजामा की 4,632 रुपये की खरीदारी कर उनकी खुद डिजिटल पेमेंट की। नड्डा ने खादी को स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से इसे अपनाने की अपील की। उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि वर्ष 2024-25 में खादी उद्योग ने 1.70 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया, जो अब तक का सर्वाधिक है। खादी का उत्पादन 337 प्रतिशत और बिक्री 447 प्रतिशत बढ़ी है।
Discover more from The Insight Mirror
Subscribe to get the latest posts sent to your email.