शिमला | हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में फंसे ऊना के एसडीएम विश्व मोहन देव चौहान को बड़ी राहत दी है। सोमवार को न्यायाधीश राकेश केंथला की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने आरोपी अधिकारी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने एसडीएम को जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।पिछली सुनवाई में 3 अक्तूबर को अदालत को बताया गया था कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। तब पीड़िता की ओर से याचिकाकर्ता के साथ समझौता करने की बात अदालत में पेश की गई और आवेदन में कहा गया कि अब वह मामला आगे नहीं बढ़ाना चाहती है।
गौरतलब है कि ऊना की एक युवती ने एसडीएम चौहान पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, ब्लैकमेल करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए थे। युवती ने सदर थाना ऊना में दर्ज शिकायत में बताया था कि उसकी मुलाकात अधिकारी से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से हुई थी। वह एम. फार्मा की छात्रा और ताइक्वांडो खिलाड़ी है। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी अधिकारी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में एक वीडियो का हवाला देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया था कि जब उसने शादी की बात की तो आरोपी ने साफ कह दिया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है। इसके बाद उसने बातचीत बंद कर दी और जब युवती उसके घर पहुंची तो उसे बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि बाद में अधिकारी ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और हरियाणा नंबर की एक कार उसके पीछे लगवा दी।
युवती ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग में भी दर्ज करवाई थी। आयोग में शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अधिकारी भूमिगत चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की थी।
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