शिमला | कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की खुले दिल से तारीफ़ की। प्रियंका ने कहा, नेहरू जी हों या इंदिरा गांधी जी, कांग्रेस के सभी बड़े नेता हमेशा सादगी के साथ जनता के बीच रहे हैं। यही असली कांग्रेस की परंपरा है। लोगों के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना। मुझे खुशी है कि हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू भी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए हैं। वह सादगी से जीवन जीते हैं, आम लोगों से सीधे जुड़ते हैं और उनकी बात सुनते हैं।
आज के समय में ऐसे ही नेताओं और ऐसी ही राजनीति की आवश्यकता है। प्रियंका गांधी के इस बयान की राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा है। माना जा रहा है कि उन्होंने सुक्खू सरकार की लगभग तीन साल की कार्यप्रणाली पर मुहर लगाई है और स्पष्ट संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री सुक्खू न केवल जनता के प्रिय नेता हैं, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा और परंपराओं के सच्चे प्रतीक बनकर उभरे हैं। सुक्खू अपनी सादगी और सहजता के लिए पूरे हिमाचल में जाने जाते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, वे हर वर्ग के लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते हैं। यही अपनापन और सादा व्यवहार उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है।
समारोह देख सोनिया खुश
सोनिया गांधी ने बेशक रिज पर हुए कार्यक्रम में भाषण नहीं दिया, लेकिन इस फंक्शन की गरिमा को देखते हुए वह खुश दिखाई दीं। उन्होंने हल्की सर्दी में चटक धूप का आनंद भी खूब लिया।
असहज हो गए पायलट
शिमला। राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट शिमला के बीच मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। जब वह स्टेज पर आए तो उसके बाद कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट के लिए नारे लगाना शुरू कर दिए। लेकिन जब सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की उपस्थिति में नारे लगने लगे तो उन्होंने स्टेज से इशारा कर ऐसा न करने को कहा। जब विक्रमादित्य सिंह ने दोबारा से उन्हें सम्मानित करने के लिए स्टेज से घोषणा करवाई तब भी वह इनकार कर रहे थे।
Discover more from The Insight Mirror
Subscribe to get the latest posts sent to your email.