शिमला | इस सेब सीजन में एपीएमसी की जिला शिमला व किन्नौर की फल मंडियों से अधिक सेब की बिक्री मंडियों से बाहर बैठे कारोबारियों के पास हुई है। इस सीजन में अभी तक सरकार और एपीएमसी द्वारा अधिकृत मंडी परिसरों से बाहर सडक़ किनारे बैठे कारोबारी रिकॉर्ड एक करोड़ चार लाख से अधिक सेब की पेटी का कारोबार कर चुके है, जबकि जिला शिमला और किन्नौर की कुल नौ फल मंडियों में इस साल करीब 75 लाख पेटियां बिक्री के लिए पहुंची है।
गौर हो कि ऊपरी शिमला के रामपुर, कुमारसेन, नारकंडा, शिलारू, मत्याना, नरेल व लाफूघाटी सहित किन्नौर के कई इलाकों में कई बड़े कारोबारी एनएच 05 पर अपना सेब का कारोबार चला रहे है, जिन्होंने इस बार रिकार्ड सेब की खरीद की है। इस सेब सीजन में एनएच -5 सहित अन्य सडक़ों की बदहाली और मंडियों में अव्यवस्था के चलते अधिकतर बागबानों ने जाम से बचाव व अपना समय बचाने के लिए इन कारोबारियों के पास सेब बेचा है।
1.80 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
एपीएमसी शिमला किन्नौर के सचिव रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जिलों की सभी फल मंडियों ओर बाहर बैठे अधिकृत कारोबारियों के पास सेब खरीद का आंकड़ा एक करोड़ 80 लाख पेटी सेब बिक चुका है। फल मंडियों में 75 लाख से ज्यादा जबकि बाहरी कारोबारियों के पास 1.04 करोड़ पेटी सेब की बिक्री हुई है।
मंडियों से 29 लाख पेटी अधिक बिक्री
जिला शिमला व किन्नौर के सेब क्षेत्रों में इस बार मंडियों से बाहर सेब बेचने का ट्रेंड देखने को मिला है। एपीएमसी की मंडियों से बाहर इस सीजन में करीब 28 लाख पेटी सेब की बिक्री हुई है, जो एक रिकॉर्ड है। बाहरी अधिकृत कारोबारियों के पास करीब एक करोड़ चार लाख पेटी की बिक्री दर्ज की गई है, जबकि जिलों की सभी मंडियों में आंकड़ा 75 हजार पेटी के करीब सिमट चुका है।
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