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नई दिल्ली | देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को लगातार सातवें दिन भी देश के कई एयरपोट्र्स पर यात्रियों को फ्लाइट में देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा। सोमवार को दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बंगलुरु, अहमदाबाद एयरपोर्ट से इंडिगो की 500 उड़ानें रद्द रहीं, जबकि 1,802 उड़ानों का परिचालन हो पाया। साथ ही 9000 बैगों में से 4 500 बैग यात्रियों को सौंपे जा चुके हैं और बाकी बैग भी अगले 36 घंटों में सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। रविवार को भी एयरलाइन ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। इस महीने अब तक इंडिगो की 4,000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। पहली से सात दिसंबर के बीच बुक किए गए 5,86,705 टिकटों के पीएनआर रद्द कर उनका पूरा रिफंड कर दिया गया है, जिसकी कुल राशि 569.65 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 21 नवंबर से सात दिसंबर तक कुल 9,55,591 पीएनआर रद्द कर रिफंड जारी किया गया, जिसकी कुल राशि 827 करोड़ रुपए है। वहीं सोमवार को इंडिगो ने दावा किया कि उन्होंने 100 फीसदी नेटवर्क रीस्टोर कर लिया है।

91 फीसदी फ्लाइट्स ऑनटाइम ऑपरेट हो रही हैं जो रविवार से 75 फीसदी ज्यादा है। इसी बीच उच्चतम न्यायालय ने इंडिगो एयरलाइंस की ओर से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द किए जाने और देरी के कारण देश भर में उत्पन्न यात्री संकट पर सोमवार को चिंता व्यक्त की, लेकिन इसमें तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लाखों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और इस व्यवधान के कारण कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा होगा। न्यायालय ने यह देखते हुए तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया कि केंद्र सरकार ने पहले ही इस संकट का संज्ञान ले लिया है और वह इस पर कार्रवाई कर रही है। वहीं क्रू की कमी से देश भर के एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी और उड़ानें कैंसल होने के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने एयरलाइन कंपनी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की चेतावनी दी है, ताकि दूसरी विमानन कंपनियों के लिए एक मिसाल कायम की जा सके। सोमवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में उड्डयन मंत्री ने कहा कि सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसल होने और हजारों लोगों के फंसे रहने की वजह इंडिगो का अंदरूनी संकट था, जो नए पैसेंजर सेफ्टी नॉम्र्म लागू होने के बाद हुआ था।

उन्होंने सदन में कहा कि हमें पायलट, क्रू और पैसेंजर्स की परवाह है। हमने सभी एयरलाइंस को यह साफ कर दिया था। इंडिगो को क्रू और रोस्टर को मैनेज करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसकी वजह से यात्रियों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम सख्त एक्शन लेंगे। हम हर एयरलाइन के लिए एक मिसाल कायम करेंगे। अगर कोई गलती होगी, तो हम एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है।


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