शिमला | प्रदेश में पर्यटन कोराबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार भूरपूर प्रयास कर रही है। रविवार को शिमला में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टूरिज्म सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में 2400 करोड़ इनवेस्ट किए जा रहे हैं। तीन हजार करोड़ एयरपोर्ट कांगड़ा के एक्सपेंशन पर खर्च किए जा रहे हैं और इसके लिए 500 करोड़ की लैंड एक्यूजीशन भी कर ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को प्रभावी बनाने के उदेश्य से इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर धर्मशाला तपोवन में बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैल्थ टूरिज्म और अन्य पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में नितिगत कार्य किए जाएंगे। एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इंडस्ट्री क्षेत्र से ज्यादा कमाई टूरिज्म क्षेत्र से सरकार को होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कंन्जयूमर बेस्ड है। देश के बड़े राज्यों महाराष्ट्र, यूपी व बिहार जैसे बड़े राज्यों को जीएसटी का लाभ हुआ जहां की जनसंख्या ज्यादा है। हिमाचल जैसे 75 लाख की जनसंख्या वाले कन्जयूमर राज्य में इसका ज्यादा लाभ नहीं है और इस नीति को बदलने की जरूरत थी जिसे सरकार ने बदला है।
टूरिज्म से 18 फीसदी कमाई
राज्य में पर्यटन क्षेत्र को इसलिए बढ़ावा दिया जा रहा है कि इससे 18 प्रतिशत जीएसटी सरकार को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से पहले जो इंडस्ट्रियल पॉलिसी थी उनमें उद्योगों को तीन रुपए प्रति यूनिट बिजली उद्योगों को दी जाती थी। जीएसटी से पहले सरकार को चार हजार करोड़ बद्दी के उद्योगों से आमदनी होती थी, लेकिन जीएसटी के राज्य को नुकसान हुआ है।
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