Spread the love

शिमला | केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर शुरू की नई योजना के कारण हिमाचल को हर साल 700 करोड़ का नुकसान हो सकता है। अभी हर साल हिमाचल करीब 1400 करोड़ के काम कर रहा है, जो अब आधे हो जाएंगे। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस बारे में एक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी है। केंद्र ने मनरेगा के बदले नई योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी राम जी लागू की है। यह योजना मनरेगा की जगह लेगी, जिसमें रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं। लेकिन बहुत से नए प्रावधान हिमाचल के हित में नहीं हैं। जिन राज्यों की आबादी कम है, उन्हें वैसे ही नुकसान है। विभाग ने सरकार को रिपोर्ट दी है कि वार्षिक एलोकेशन के बाद अब नई योजना में एडिशनल आबंटन नहीं होगा। लेबर बजट में भी अब 90:10 की हिस्सेदारी होगी।

यानी 10 फीसदी राज्य को डालना होगा। अब इस योजना के तहत बजट का आबंटन भी डिमांड आधारित नहीं होगा और इसे नॉर्मेटिव फार्मूले से ही चलाया जाएगा। यदि इस योजना में एडिशनल काम किए जाते हैं, तो उसकी भरपाई राज्यों को करनी होगी। हिमाचल में मनरेगा के कामगारों को 350 रुपए दिहाड़ी दी जाती है, जबकि भारत सरकार 301 रुपए ही देती है। नई योजना में एडिशनल वेजिज का भार राज्य को उठाना पड़ेगा, जो सालाना 250 करोड़ बनता है। नई योजना में जिला परिषदों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिये जा रहे पैसों को भी समाप्त कर दिया है। इसलिए राज्य को नुकसान का खतरा है।

अच्छी थी मनरेगा में हिमाचल की परफॉर्मेंस

हिमाचल मनरेगा में अच्छा परफॉर्म कर रहा था। भारत सरकार द्वारा साल के शुरू में हिमाचल के लिए 250 लाख कार्य दिवस तय किए जाते थे, लेकिन हिमाचल में 400 लाख कार्य दिवस भी अचीव किए गए हैं। स्कीम डिमांड ड्रिवन होने के कारण अतिरिक्त पैसा भी भारत सरकार से मिल जाता था। इसलिए हर साल 1300 से 1400 करोड़ तक का खर्च हो रहा था। नई योजना में इतनी धनराशि खर्च करना अब संभव नहीं है।

ग्राम सभा में दी जाएगी नई योजना की जानकारी

भारत सरकार ने निर्देश दिए थे कि केंद्र द्वारा मनरेगा की जगह शुरू की गई नई योजना की जानकारी ग्रामसभा में रखी जाए और इसे लागू करने या अपनाने का प्रस्ताव हर ग्राम पंचायत की ग्रामसभा में पारित हो। भारत सरकार ने इसके लिए 26 दिसंबर को ग्राम सभा करने के आदेश दिए थे, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक यह ग्राम सभा नहीं की है। नई योजना में यह प्रावधान भी है कि यदि राज्य इसे नहीं अपनाएंगे, तो पैसा नहीं मिलेगा।


Discover more from The Insight Mirror

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from The Insight Mirror

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading