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शिमला । मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। केसीसी बैंक में पिछले सात-आठ साल से जो चल रहा था, उसके बारे में पता चलने पर बीओडी को भंग कर दिया गया। इसकी जांच करनी चाहिए। लोग 40-40 करोड़ रुपये का लोन छोटी-छोटी चीजों पर ले रहे हैं और बाद में वापस नहीं करते हैं। ऐसी जगह दिखा दी जाती है, जिसकी कीमत चार करोड़ रुपये की होती है।

सोमवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बैंक में नाबार्ड-आरबीआई की मंजूरी से ही ऋण की ओटीएस होती है। चाहे कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक हो या राज्य सहकारी बैंक, सभी को नाबार्ड के माध्यम से आरबीआई की ओर से मंजूरी दी जाती है। अन्य बैंकों में भी ओटीएस की मंजूरी आरबीआई के नियमों के तहत दी जाती है। इनमें सरकार को कुछ नहीं करना होता है। कई जगह जो गरीब किसान होते हैं, उन्होंने लोन लिया होता है तो सेटलमेंट तो उनका होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी में जो आएगा, उसे राहत दी जाएगी।
सीमेंट पर नहीं लगाया टैक्स, जीएसटी से हिमाचल को नुकसान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बताए कि प्रधानमंत्री ने जो 1500 करोड़ हिमाचल प्रदेश को देने की घोषणा की है, वह कब मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल आपदा के दर्द से कराह रहा हो तो उसी समय यह फंड मिलना चाहिए। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। कभी टॉयलेट टैक्स की बात करती है तो कभी कुछ और कहती है। विपक्ष सीमेंट पर टैक्स लगाने की बात कर रहा है। टैक्स नहीं लगा है। टैक्स लगाना कुछ और बात होती है। जीएसटी लागू होने से बहुत नुकसान हुआ है। जब 2017 में जीएसटी नहीं लगा था तो उस समय बद्दी, नालागढ़ जैसे क्षेत्रों और पर्यटन के क्षेत्रों में 4,000 हजार करोड़ का वैट या आबकारी कर आता था। जीएसटी लगने के बाद यह 150 करोड़ पर सिमट गया।

बोले – बेटी के साथ लंदन जाने का सारा खर्च खुद उठाया
सुक्खू ने कहा कि वह एक बेटी के पिता भी हैं। बेटी ने दाखिले के लिए साथ चलने का अनुरोध किया। लंदन में भी हिमाचल के हितों की बात करता रहा। मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों से वह रोज बात करते रहे। मंत्रियों से उनकी बात होती रही। भाजपा को इस प्रकार की राजनीति नहीं करनी चाहिए। एयर टिकट से लेकर सारे खर्च खुद उठाए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के दौरे को अभी अप्रूव नहीं किया
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का दौरा अभी अप्रूव नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल किया गया। जनता को पता चलना चाहिए कि एक्सपोजर टूअर पर कई बार विधायक या अधिकारी सरकारी दौरे पर जाते हैं, मगर इन दौरों को सरकार के साथ जोड़ दिया जाता है, जबकि इसमें विभिन्न प्रोजेक्टों का 10 प्रतिशत फंड इसी काम के लिए जाता है।


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