शिमला । मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने मानसून से क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत कर उन्हें इसी महीने के अंत तक बहाल करने के निर्देश जारी किए हैं। नए मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने यहां शीतकालीन मौसम की तैयारियों के दृष्टिगत आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सडक़ मरम्मत कार्यों और विभिन्न तैयारियों की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारियों को कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी हिस्सों में कम से कम दो लेन निरंतर खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि हाल की बरसात में राजमार्ग के उन हिस्सों, जहां भारी क्षति हुई है, में भी दो लेन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को सर्दी का मौसम शुरू होने से पूर्व आवश्यक तैयारियां और इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बर्फ हटाने और अन्य आवश्यक उपायों की पूर्व योजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि ठंड के महीनों में संपर्क सुविधा जारी रहे और लोगों को असुविधा न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को मानसून से क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत और पुनर्बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि 120 प्रभावित सडक़ों में से अधिकतर इस महीने के अंत तक बहाल हो सकें।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर हो रहा सडक़ निर्माण
लोक निर्माण विभाग के सचिव डा. अभिषेक जैन ने अवगत करवाया कि विभाग मलबा प्रबंधन के लिए उचित स्थानों को चिन्हित कर रहा है और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नई सडक़ों के निर्माण की बजाय मौजूदा सडक़ों को मजबूत करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी सहायता के लिए आईआईटी रोपड़ से साझेदारी की है, जिससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, कामकाज में पारदर्शिता और विश्वसनीयता आएगी। उन्होंने कहा कि विभाग जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के दृष्टिगत जलवायु-प्रतिरोधी (क्लाइमेट-रेजिलिएंट) बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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