शिमला | हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला-सोलन-परवाणू फोरलेन के निर्माण में छह साल की देरी और खराब रखरखाव पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और एनएचएआई को आदेश दिया कि 10 दिन के भीतर हाईवे की मरम्मत व ढलान सुरक्षा कार्य पूरा करें। ऐसा नहीं हुआ तो सनावर टोल प्लाजा पर टोल वसूली पर रोक जारी रहेगी।
खंडपीठ ने कहा कि अगर फोरलेन की स्थिति बेहतर हो जाती है तो एनएचएआई को 12 नवंबर से सनावर प्लाजा पर टोल लेने की अनुमति दे दी जाएगी और पिछले आदेश को वापस लिया जाएगा। अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि एनएचएआई का फोरलेन परियोजना के पूर्ण होने का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। कई हिस्सों खासकर कंडाघाट, चक्की मोड़ के पास सड़क की स्थिति दयनीय है। कोर्ट ने सड़क किनारे ड्रेनेज की सफाई करने को भी कहा है। एनएचएआई ने 30 अक्तूबर को फोरलेन की स्थिति की रिपोर्ट तस्वीरों के साथ दाखिल की थी।
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