पटना| बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 64.66 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई है। बेगूसराय में सबसे ज्यादा 67.32 फीसदी और शेखपुरा में सबसे कम 52.36 फीसदी वोटिंग हुई। वहीं राजधानी पटना में 55.02 फीसदी मतदान हुआ। अतिसंवेदनशील 56 बूथों पर शाम पांच बजे तक ही वोटिंग हुई, जबकि अन्य कई जगह छह बजे के बाद भी वोटरों की लाइनें लगी हुई थीं। बिहार में शहरी वोटर में वैसा उत्साह नहीं दिखा। 121 सीटों में से तीन सीटों पर सबसे कम वोटिंग देखी गई है। राजधानी पटना के शहरी क्षेत्र कुम्हरार में 39.52 फीसदी, दीघा में 39.10 फीसदी और बांकीपुर में 40 फीसदी मतदान हुआ। पहले फेज की वोटिंग खत्म होने के साथ ही 18 जिलों की 121 सीटों पर 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।
इनमें 104 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई है। पहले फेज में दो डिप्टी सीएम समेत 16 मंत्रियों की साख दांव पर है। इसके अलावा 10 हॉट सीटें भी हैं, जिनपर तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, अनंत सिंह समेत कई बड़े चेहरे चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि बिहार की 243 सीटों पर दो फेज में चुनाव हो रहे हैं। दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी, जबकि नतीजे 14 नंवबर को आएंगे।
16 में 15 मंत्रियों की सीट पर 2020 से अधिक मतदान
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 मंत्रियों की सीटों पर भी मतदान हुआ है। इसमें 15 सीटें ऐसी है, जहां पिछले बार के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ है। एक मात्र सीट कुढऩी ऐसी रही है जहां 2020 के चुनाव से कम वोट पड़े। इन 15 सीटों पर ज्यादा मतदान को दोनों पक्ष अपने-अपने फायदे में बता रहे हैं। सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि जनता सरकार के कामों से खुश है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है। वहीं विपक्ष का मानना है कि ज्यादा मतदान सरकार की खिलाफ नाराजगी बताता है। लोग वर्तमान सरकार के मंत्रियों से खुश नहीं है और यही नाराजगी उन्होंने मतदान में बदली है।
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