शिमला | अपने कार्यकाल के तीन साल पूरा होने से पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार एक बड़ा स्टेप उठाने जा रही है। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में 24 नवंबर को बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग में एक एजेंडा लाया जा रहा है। पूर्व में जयराम ठाकुर की सरकार के समय चुनाव से पूर्व पांच कारोबारी घरानों को सैकड़ों बीघा जमीन आबंटित की गई थी। आरोप है कि उसमें नियमों की अनदेखी की गई है। अब सुक्खू सरकार उन सौदों की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने का इरादा रखती है। इसके लिए 24 नवंबर की कैबिनेट मीटिंग में एजेंडा लाया जाएगा। सरकार ने इस मामले से संबंधित सभी तथ्यों को कैबिनेट में डिस्कशन के लिए लाने का फैसला किया है। विधानसभा सत्र के दौरान भी सुक्खू सरकार इस मामले को लेकर विपक्ष पर हमलावर होती रही है। आरोप है कि जयराम सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में पांच उद्योगपतियों को कई बीघा जमीन दी गई। अब सुक्खू सरकार इस पर एक सख्त कदम उठाने जा रही है। सीएम सुक्खू कई बार कह चुके हैं कि प्रदेश की संपदा को लुटने नहीं दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट मीटिंग में लाए जा रहे एजेंडे पर चर्चा के बाद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी सभी सौदों की जांच करेगी और अनियमितताएं पाए जाने पर सरकार को एक्शन के लिए सिफारिश करेगी। कमेटी की सिफारिश के बाद राज्य सरकार मामले में आगे बढ़ेगी। यदि कमेटी की जांच में जमीन सौदों में गड़बड़ी पाई गई, तो आने वाले समय में हिमाचल के सियासी गलियारों में बड़ा भूकंप आएगा। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में विभिन्न सरकारों के समय धारा-118 की अनुमतियों व कारोबारी सौदों को लेकर अंगुलियां उठती रही हैं। ऐसे में 24 नवंबर की कैबिनेट मीटिंग में लाए जा रहे एजेंडे से हलचल मचेगी।
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