शिमला | हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी जल्द ही संगठनात्मक ढांचे को खड़ा करने पर फोकस करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू सहित प्रदेश के अन्य नेताओं की हाईकमान से कई दौर की बैठकों के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा होना बाकी है। इसके साथ ही जिला अध्यक्षों की तैनाती के लिए भी हाईकमान ने पर्यवेक्षक लगाकर प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की तैनाती रुकी हुई थी, जिसे अब पार्टी हाईकमान ने जल्द पूरा करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कांग्रेस हाईकमान ने पर्यवेक्षकों की तैनाती कर दी है, जो जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके लिए पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित जिला के नेताओं से मंत्रणा कर प्रकिय्रा को आगे बढ़ाएंगे। कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों को तत्काल प्रभाव से विभिन्न जिलों में तैनात किया है।
ये पर्यवेक्षक सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी के स्थानीय संगठन को मजबूती मिले। पार्टी का उद्देश्य है कि जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत किया जाए। कांग्रेस पार्टी का संगठन सृजन अभियान स्थानीय स्तर पर पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है। पर्यवेक्षकों की तैनाती से पार्टी के कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से चलाने की उम्मीद है। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है।
इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाए गए थे हिमाचल के छह नेता
हिमाचल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी लंबे समय से लटका हुआ था। इसके लिए हाईकमान ने विभिन्न स्तरों पर बैठकों और चर्चा का दौर शुरू किया था। प्रदेश के छह नेताओं से अलग-अलग बातचीत कर उन्हें दिल्ली साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। हालांकि अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती से पहले पार्टी ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पर्यवेक्षकों की तैनाती से यह सुनिश्चित होगा कि जिला स्तर पर कांग्रेस का संगठन और अधिक सशक्त और प्रभावशाली बन सके।
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