शिमला | हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में क्रिसमस और नव वर्ष के स्वागत के लिए देश-दुनिया से सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। शिमला, मनाली, मकलोडगंज, डलहौजी जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल प्रदेश के साथ देश भर के सैलानियों से भरे हुए हैं। बुधवार से शुरू हुआ पर्यटकों का आगमन गुरुवार को भी जारी रहा। पर्यटक स्थलों के सभी होटल, रेस्तरां, होम स्टे में टूरिस्ट्स ने जमकर मस्ती की। होटलों आदि में इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी पर्यटकों को लुभाने के लिए शुरू हो गई हैं। शिमला का रिज मैदान सुबह से ही पर्यटकों से भरना शुरू हो गया था।
यहां विंटर कार्निवल ने क्रिसमस के उत्साह को दोगुना कर दिया। मनाली का मालरोड भी पर्यटकों से भरा रहा। हालांकि कई जगह लोगों ने सीमाएं भी लांघी और पर्यटक सिर पर शराब की बोतलें रखकर नाचते देखे गए। उधर, प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला दी है। क्रिसमस के मौके पर प्रदेश की प्रमुख सडक़ों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। धर्मशाला, मकलोडगंज और पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर बीड़-बिलिंग के साथ-साथ डलहौजी जैसे क्षेत्रों में स्थिति जैम पैक बनी हुई है। होटलों और होमस्टे में बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे लोगों को अच्छी कमाई की उम्मीद है।
शिमला में क्रिसमस प्रेयर के साथ नाटी की ताल पर धमाल
शिमला — शिमला के रिज मैदान स्थित ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च में गुरुवार को आयोजित विशेष कार्यक्रमों ने इस पर्व को यादगार बना दिया। क्रिसमस के अवसर पर गुरुवार सुबह 11 बजे विशेष वरशिप सर्विस आयोजित की गई, जिसमें क्रिसमस आराधना, बाइबल पाठ और सामूहिक प्रार्थनाएं की गईं। चर्च के भीतर कैरोल गायन की मधुर धुनों ने वातावरण को आध्यात्मिक और मनमोहक बना दिया। कैंडल लाइट सर्विस के दौरान जलती मोमबत्तियों की रोशनी और भजनों की गूंज ने श्रद्धालुओं के मन को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा प्रस्तुत की गई पारंपरिक क्रिसमस नाटी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। पहाड़ी संस्कृति और ईसाई परंपरा का यह अनूठा संगम लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।
Discover more from The Insight Mirror
Subscribe to get the latest posts sent to your email.