शिमला । हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में पहले चरण में 100 के बजाय 115 स्कूलों को भेजे जाने की तैयारी की गई है। हालांकि पहले चरण में अधिकारिक रूप से एक सौ स्कूलों की सूची जारी की गई है, लेकिन इसमें प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से पहली सूची में ही कांगड़ा के 19 के साथ 15 और स्कूलों को शामिल करने की तैयारी की गई है। ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से 34 स्कूलों को सीबीएसई में तबदील किए जाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी। इसके लिए अलग से जारी लिखित निर्देशों पर संबंधित स्कूलों के प्रिंसीपल को शिमला मीटिंग में बुलाया गया था। इतना ही नहीं, अब सभी संबंधित स्कूलों के डिटेल्ट रिकार्ड भी निदेशालय शिमला में तलब किया गया है। अब प्रदेश में एक सौ के बजाय 115 स्कूलों को सीबीएसई में किए जाने के संबंध में जल्द ही अधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी की जाएगी। अब तक उक्त 15 स्कूलों के नामों की अधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, इसके चलते शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी नाम बताने से कन्नी काट रहे हैं।
इसमें यह भी अहम है कि उक्त सीबीएसई किए जाने वाले सभी स्कूलों में को-एजुकेशन प्रणाली शुरू की जाएगी। यानी अब छात्र व छात्राएं अलग-अलग गल्र्ज व ब्वायज स्कूल के बजाय एक ही स्कूल में पढ़ेंगे। हालांकि इसमें छात्रों की संख्या अधिक होने पर एक स्कूल में हाई व दूसरे में सीनियर सेकेंडरी की तर्ज पर चलाए जाने की भी योजना बनाई गई है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के अब पहले चरण में 115 के करीब स्कूलों को सीबीएसई में कन्वर्ट करने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला भी इसमें कई प्रकार की आपत्तियां जता रहा है। इसी बीच शिक्षा विभाग ने एक सौ स्कूलों की लिस्ट जारी कर दी थी, जिसमे कांगड़ा जिला के 15 नए स्कूलों को अलग से शामिल किए जाने के संबंध में प्रक्रिया में शामिल किया गया है। उधर, शिक्षा विभाग कांगड़ा के शिक्षा उपनिदेशक सेकेंडरी विंग कमलेश कुमारी ने बताया कि कांगड़ा जिला के 19 के साथ 15 अन्य स्कूलों को सीबीएसई में किए जाने को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत कार्य किया जा रहा है।
निरीक्षण को दिल्ली से आएंगी टीमें
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित 115 स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में बदला जाएगा। चयनित स्कूलों को सीबीएसई के नियम पूरे करने होंगे। जल्द ही स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए दिल्ली से टीमें भी आएंगी। लडक़ों और लड़कियों के अलग-अलग स्कूलों को मर्ज कर सीबीएसई से को-एजुकेशन के तहत संबद्ध करने का भी प्रस्ताव है।
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